आज का दिन दूसरा नवरात्रा है. सुबह सुबह उठकर व्यायाम करने के लाभ होते है. लेकिन पता नहीं मेरे साथ ऐसा क्यों होता है. जिस दिन व्यायाम करता हूँ सब अच्छा चलता है. पुराने समस्याएं हल हो जाती हैं. लेकिन अगर व्यायाम न करूं तो नयी नयी समस्याएं कड़ी हो जाती हैं. अब इसका क्या मतलब है मैं नहीं जानता. ऐसा लगता है की जैसे उपर वाला कह रहा हो की व्यायाम केर ये ज़रूरी है तेरे लिए.
Thursday, September 29, 2011
Wednesday, September 28, 2011
Wednesday, September 28, 2011
आज का दिन पहला नवरात्रा है, दिन शुभ है, कुछ नया सोचा है, चाहता हु कुछ करू.
पता नहीं क्यों मुझे ऐसा क्यों लगता है कि मैं कुछ अलग करने के लिए इस दुनिया में आया हूँ. मैं लोगों का भला करना चाहता हूँ. लोगों के दुःख दूर करना चाहता हूँ. मैं नहीं जानता कई ऐसा मैं कैसे कर सकता हूँ. लेकिन मैं करना चाहता हूँ. जिससे मेरे आसपास के लोगो कि तकलीफें दूर हो.
सोचता हूँ क्या कर सकता हूँ.
कृष्णा शर्मा
Monday, February 14, 2011
Sunday, December 26, 2010
Subscribe to:
Posts (Atom)












